धरम जी : अपनी सदी के सबसे प्रिय व्यक्तित्व
धरम जी : अपनी सदी के सबसे प्रिय व्यक्तित्व
पीढ़ियां इस बात पर सीना चौड़ा करेंगी कि हीमैन नामक पुष्प हिन्द के आँगन में उगा था. हिन्दी सिनेमा ही नहीं विश्व सिनेमा के टॉप 10 अभिनेताओं की फ़ेहरिस्त में शामिल ग्रेट धरम जी सम्पूर्ण कलाकार थे.
दादामुनि अशोक कुमार, देवानंद साहब, राज कपूर साहब, दिलीप साहब, राजेन्द्र कुमार, जैसे हिन्दी सिनेमा के अग्रदूदूतों के पैर की धूल पेशानी से लगाने वाले धरम जी... अपने साथी मनोज कुमार, शम्मी कपूर, सुनील दत्त, संजीव कुमार, फिरोज़ खान, को बेशुमार इज्ज़त, प्यार देने वाले धरम जी... अपने छोटे शत्रुघ्न सिन्हा, शशि कपूर, अमिताभ बच्चन, विनोद खन्ना, मिथुन चक्रवर्ती, आदि की पेशानी चूमकर गले से लगाने वाले धरम जी... वहीँ अपने बच्चों की पीढ़ी को बेशुमार प्यार अशीर्वाद देने वाले धरम जी, प्यार से सभी को लव यूँ बोलकर गले से लगा लेते थे, धरम जी शारीरिक रूप से दुनिया छोड़ गए परंतु वे अपनी अदाकारी, करिश्माई पर्सनालिटी एवं मिट्टी की खुशबू को हिन्द के हर आँगन में छोड़ गए हैं. दुनिया की प्रसिद्ध हस्तियों में ज़मीन से जुड़े, ऊंचे मुक़ाम के बाद भी इतने विनम्र, सादगी पसंद, सभी को प्यार करने वाले सचमुच के अजातशत्रु थे.... सवा सौ साल के सिनेमाई इतिहास में कोई अपवाद भी नहीं है जो उन्हें पसंद न करता हो, सभी धरम जी से बेशुमार प्यार करते थे, और करते रहेंगे. धरम जी ने ज़िन्दगी के साथ, लोगों के साथ, वक्त के साथ भरपूर प्रेम किया है. राजनीति में रहने के बाद भी एक व्यक्ति नहीं देखा जो उनके विरुद्ध बोला हो, हीमैन ने प्रेम, मानवता को हमेशा प्राथमिक रखा, एक इंसान के रूप में सर्वोतम... मैंने आजतक कभी किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के लिए देश में इतना लम्बा शोक महसूस नहीं किया....धरम जी के बारे में बच्चों को जानना चाहिए कि ऐसा व्यक्ति कौन था जिसने सबकुछ जीत लिया था... बच्चों को धरम जी की स्पीच, उनकी बातेँ दिखाएं, उनके जैसे लोग सदियों में कभी अवतरित होते हैं.....हिन्दी सिनेमा का इतिहास जब भी लिखा जाएगा धरम जी को एक कम्प्लीट हीरो के रूप में याद किया जाएगा, चूंकि ऐसे सुपरस्टार बार - बार जन्म नहीं लेते
धरम जी के जाने के बाद मैं सबसे ज़्यादा हेमा मालिनी जी के लिए व्यथित हूं. धरम जी ने इस दुनिया में सभी को प्यार किया, परंतु ये भी सच है कि उन्होंने हेमा जी से ज़्यादा किसी को नहीं चाहा, आज अगर धरम जी जिवित होते तो उन लोगों का मुँह बंद कर देते जो हेमा जी पर आक्षेप लगाते हैं.
हेमा जी ने संजीव कुमार जी , जितेन्द्र जी को मना करके धरम जी से शादी नहीं की थी, संजीव कुमार जी के साथ उनकी शादी तय हो गई थी, हालांकि संजीव कुमार जी को वहम था कि मैं असामयिक मर जाऊँगा इसलिए शादी नहीं करना.... बात ख़त्म.... इत्तेफ़ाक से शोले की ज़मीन तैयार होती है, धरम जी हेमा जी पर आसक्त तो पहले से ही थे, लेकिन जब संजीव कुमार जी से गरिमापूर्ण अलगाव हो गया तो धरम जी का प्रेम प्रस्ताव मिला.... हेमा जी धरम जी जैसे विवाहित पुरुष एवं करिश्माई शख्सियत से बखूबी परिचित थीं, इसलिए वे फौरन नहीं मान गईं एक लम्बा इतिहास है. जिसे लोग चटकारे लगाते हैं.. हेमा जी वो अदाकारा हैं जिनके आसपास कोई नहीं ठहरता था, हेमा कोई साधारण अदाकारा नहीं थीं, पूरा हिन्दुस्तान उनके ख्वाब देखता था, इसलिए ही उनका नाम ड्रीमगर्ल पड़ा. धरम जी जैसे सुपरस्टार की पत्नी हैं उनका ऑरा आज भी करिश्माई है. जब धरम जी के साथ उनके रिश्ते एवं रोमांस को शोले में संजीव कुमार जी ने देखा हालांकि हेमा जी फ़िर भी असमंजस में थीं कि क्या होगा, तब संजीव कुमार जी थोड़ा कुंठित हो गए थे ये सच है, लेकिन हेमा जी ने इंकार कर दिया था इसलिए शराब पीने लगे थे ये गप्पे हैं जो आज भी खूब चलती हैं.
संजीव कुमार जी चाहते थे कि हेमा जी हाऊस वाइफ बनकर रहें ऐसी गप्पे भी खूब लिखी जाती हैं, देखिए किसी की हिम्मत नहीं थी कि कोई उनसे ऐसी बातेँ कर पाता, शर्त रखने की बात ही अपने आप में मज़ाक है.
हेमा जी हक हलाल की पत्नी हैं, लेकिन हमेशा दूसरी औरत का दंश झेलती रहीं, चाहती तो सबकुछ अपने नाम कर लेतीं, लेकिन कभी अपनी मर्यादा नहीं क्रॉस की.. उस दिन अपने पति की चिता को प्रणाम करके लौट आईं कि अब उनके पास धरम जी की यादों के अलावा कुछ नहीं है, और इसमे उनकी समझदारी भी थी. उनके परिवार पर मैं कुछ नहीं कहना चाहता परंतु उम्र के आख़िरी पड़ाव में अपने दिवंगत पति की तस्वीर के सामने अकेले बैठी हेमा जी को देखकर रोना आ गया. धरम जी का जाना हेमा जी को कंगाल कर गया है, दरअसल वो दूसरी औरत का दंश भी झेल लेतीं लेकिन वो पुरुष ही नहीं रहा जो उन्हें अपने दिल में बसाए हुए था. हेमा जी उम्र के इस पड़ाव पर हैं कि हम सभी को उनका सम्मान करना चाहिए. प्रकाश कौर जी उनके बराबर की हैसियत रखती हैं, इसलिए हेमा जी को कुछ भी कहने की हैसियत केवल उन्हीं के पास हैं अन्यथा किसी का कोई हक नहीं बनता कि हेमा जी का नाम भी ले, इसलिए हमे ध्यान रखना चाहिए, कुछ नहीं तो कम से कम उम्र का लिहाज करना चाहिए. दोनों बहुत ही कमाल की शख्सियत हैं, उनकी जीवन यात्रा बताती है, हालांकि प्रसिद्ध हस्तियों को लोग अपनी प्रॉपर्टी मानकर गप्पे करते हैं, इसमे भी कोई बुराई नहीं है, क्योंकि ये समाज ही अपने आप में एक मज़ाक है..
दिलीप कुमार पाठक
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