'वैश्विक पटल पर भारत की गरिमा और कूटनीतिक मौन का जोखिम'
'वैश्विक पटल पर भारत की गरिमा और कूटनीतिक मौन का जोखिम' 'मस्क साहब, हद में रहिए! व्यापार करिए, भारत के शीर्ष नेतृत्व पर राजनीति नहीं' हाल ही में अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने मुकेश अंबानी को संबोधित करते हुए भारत के प्रधानमंत्री पद पर तंज कसा। ऊपर से देखने में यह दो बड़े कारोबारियों के बीच की सामान्य बातचीत लग सकती है, लेकिन असल में यह भारत के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद की गरिमा पर किया गया एक गैर-जिम्मेदाराना हमला है। जब विदेश का कोई बिजनेसमैन भारत के शीर्ष नेतृत्व को लेकर इस तरह की हल्की टिप्पणी करता है, तो बात केवल एक व्यक्ति की नहीं रह जाती। यह सीधे तौर पर हमारे देश के सम्मान और उसकी संप्रभुता से जुड़ जाती है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद देश में एक बहस छिड़ गई है कि क्या भारत के प्रधानमंत्री को खुद सामने आकर ऐसे बयानों का जवाब देना चाहिए? इसका सीधा और साफ जवाब है - बिल्कुल नहीं। भारत 140 करोड़ से ज्यादा आबादी वाला देश है, दुनिया की सबसे पुरानी महान सभ्यताओं में से एक है और आज एक बड़ी आर्थिक ताकत है। ऐसे देश के प्रधानमंत्री का पद बहुत जिम्...