मायावती की निष्क्रियता : क्या खत्म हो जाएगी बसपा?
मायावती की निष्क्रियता : क्या खत्म हो जाएगी बसपा? उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक समय ऐसा था जब मायावती का नाम सुनते ही विरोधी दल अपनी रणनीति बदलने लगते थे। लेकिन आज जमीनी हकीकत पूरी तरह बदल चुकी है। देश की सियासत में यह चर्चा बहुत तेज है कि मायावती की जमीनी स्तर पर बढ़ती निष्क्रियता और पार्टी का लगातार गिरता वोट बैंक बहुजन समाज पार्टी यानी बसपा को खत्म होने की कगार पर ले आया है। नौबत यहां तक आ गई है कि बसपा से उसका राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा भी कभी भी छिन सकता है। अगर हम आंकड़ों को देखें, तो बसपा की हालत इस समय सबसे खराब दौर में है। देश और उत्तर प्रदेश के चारो सदनों को मिलाकर देखें तो पार्टी के पास अब नाममात्र के नेता बचे हैं। लोकसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ने वाली बसपा का खाता तक नहीं खुला और देश के सबसे बड़े सदन में उसकी सीटें आज शून्य हैं। देश के उच्च सदन यानी राज्यसभा में बसपा का सिर्फ एक सांसद बचा है, जिनका कार्यकाल नवंबर 2026 में खत्म हो जाएगा। इसके बाद बसपा का कोई नया सांसद राज्यसभा नहीं जा पाएगा क्योंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के पास विधायक ही नहीं हैं। जिस उत्तर प्रदे...