'पप्पू' से जननायक तक: राहुल गांधी का नया सियासी अवतार'
'पप्पू' से जननायक तक: राहुल गांधी का नया सियासी अवतार' (19 जून नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जन्मदिन विशेष) भारतीय राजनीति में शायद ही किसी नेता ने छवि के मोर्चे पर इतने उतार-चढ़ाव देखे होंगे जितने राहुल गांधी ने देखे हैं। एक दौर था जब विरोधियों ने उन्हें 'पप्पू' कहकर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग की हदें पार कर दी थीं। लेकिन आज, जब वे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर हैं, तो उनकी राजनीति में एक अलग परिपक्वता दिखाई देती है। हाल ही में राजस्थान के कोटा से शुरू हुआ उनका 'छात्रों की गूंज' आंदोलन और पेपर लीक के खिलाफ उनका आक्रामक रुख यह साफ करता है कि राहुल गांधी अब सिर्फ विरासत की राजनीति नहीं कर रहे, बल्कि सड़क और संसद दोनों जगह जनता की नब्ज पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी के इस राजनीतिक सफर को दो हिस्सों में देखा जा सकता है - पहला भारत जोड़ो यात्रा से पहले का और दूसरा उसके बाद का। कन्याकुमारी से कश्मीर और फिर मणिपुर से मुंबई तक की यात्राओं ने राहुल गांधी की पूरी छवि को बदल कर रख दिया। इन यात्राओं ने उन्हें बंद कमरों की वातानुकूलित राजनीति से निकालकर तप...