"सत्ता के शिखर पर सड़ती नैतिकता: एपस्टीन फाइल्स और सफ़ेदपोश दरिंदगी"
"सत्ता के शिखर पर सड़ती नैतिकता: एपस्टीन फाइल्स और सफ़ेदपोश दरिंदगी" आज जब हम सभ्यता के शिखर पर होने का दंभ भरते हैं, तब 'जेफरी एपस्टीन' जैसी फाइलें हमारे सामूहिक विवेक पर एक गहरा घाव दे जाती हैं। एपस्टीन फाइल्स केवल कुछ नामों की सूची नहीं है, बल्कि यह उस सड़ी-गली मानसिकता का कच्चा चिट्ठा है, जो सत्ता, पैसे और रसूख के नशे में अंधे होकर मानवता को शर्मसार करती रही है। यह मामला दिखाता है कि कैसे दुनिया के सबसे शक्तिशाली लोग—चाहे वे राजनीतिज्ञ हों, व्यवसायी हों या वैज्ञानिक—एक ऐसे घृणित चक्र का हिस्सा थे, जहाँ मासूमियत का व्यापार होता था। वैश्विक परिदृश्य में देखें तो एपस्टीन का द्वीप 'लिटिल सेंट जेम्स' आधुनिक युग के नरक जैसा था। अमेरिका से लेकर यूरोप तक के बड़े-बड़े नाम इस दलदल में फँसे नजर आते हैं। अमेरिकी अदालती दस्तावेजों और जांच रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू, डोनाल्ड ट्रम्प, वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और अरबपति बिल गेट्स जैसे रसूखदार व्यक्तियों के नाम इस प्रकरण से जुड़ने से पूरी दुनिया सन्न रह गई। यह कड़व...