'फर्स्ट लेडी ऑफ हिन्दी सिनेमा' ललिता पवार
फर्स्ट लेडी ऑफ हिन्दी सिनेमा' (ललिता पवार) मूक फ़िल्मों से बोलती हुई फ़िल्में, ब्लैक एंड व्हाइट से रंगीन फ़िल्मों तक... हिन्दी सिनेमा के घुटनों के बल चलने से लेकर उसके फलने - फूलने तक, हिन्दी सिनेमा को दुनिया के कोने - कोने तक पहुचने तक कि गवाह, जिन्होंने 700 से अधिक फ़िल्मों में काम करने के बाद अपना नाम गिनिज बुक में दर्ज करा लिया. एक ऐसी अदाकारा जो अपने दौर में सबसे खूबसूरत मानी जाती थीं, जिनकी ख़ूबसूरती एक मानक के रूप में थी. बाद में शारीरिक कमी के कारण उनकी ख़ूबसूरती बदसूरती में बदल गई, एवं उनकी सुन्दरता पर एक दाग लग गया था. सिल्वर स्क्रीन पर नायिका की जगह पर्दे पर खलनायिका बनकर प्रचलित हुईं. जिन्होंने सिनेमा में क्रूर सास के रोल में नए मानक गढ़े, वो लोगों के साथ अभिनय के लिहाज से कनेक्ट तो कर पाती थीं, परिणामस्वरूप उनके क्रूर सास के रोल करने के लिए अत्यंत घृणा भी मिलती थी, आखिरकार यही तो उनका सफल अभिनय था. ऐसी ग्रेट ऐक्ट्रिस ललिता पवार जिन्हें फर्स्ट लेडी ऑफ हिन्दी सिनेमा कहा जाता है. जिन्होंने सिनेमा में अपना लम्बा योगदान दिया. ललिता पवार एक ऐसी कलाकार हैं जिन्होंने सबसे ज्य...