'एक टैलेंटेड फ़िल्म पर्सनैलिटी "गोल्डी"
'एक टैलेंटेड फ़िल्म पर्सनैलिटी "गोल्डी" (विजय आनन्द) विजय आनंद बेहद टैलेंटेड फिल्ममेकर थे. जिस उम्र में नौजवान पढ़ते - लिखते हैं, फिल्म की बारीकियां सीखते-समझते हैं, उस उम्र में विजय आनंद ने फिल्म ही बना डाली थी. जिसे हिन्दी सिनेमा में गुरुदत्त साहब एवं विमल रॉय के समकक्ष रखा जाता है. यहां तक कि उनकी फिल्मों को आज भी क्लासिक और मास्टरपीस माना जाता है. अपने समय से बहुत आगे, विजय आनंद ने कभी भी अपने काम को एक शैली तक सीमित नहीं रखा. इस लीजेंड फिल्ममेकर की शार्पनेस का अंदाजा इसी से लगाया जाता है, कि मात्र 40 दिन के अंदर विजय आनन्द ने अपने बड़े भाई देवानंद साहब एवं अपनी भाभी कल्पना कार्तिक के साथ फिल्म की शूटिंग भी पूरी कर ली थी. ये सब बचपन की संगति एवं उनकी लगन का नतीजा था, कि फिल्मों को लेकर इतनी कम उम्र में दूरदर्शी, सिनेमाई समझ पैदा हो गई थी.विजय आनंद को गोल्डी आनंद के नाम से भी जाना जाता था. फिल्ममेकर, प्रोड्यूसर, स्क्रीन राइटर एक्टर, एडिटर, विजय आनंद 22 जनवरी 1934 में पंजाब के गुरदासपुर में पैदा हुए थे. ‘गाइड’ ‘तीसरी मंजिल’, ‘ज्वेल थीफ’ और ‘जॉनी मेरा नाम’, 'काल...