काका - पुष्पा का अमर प्रेम
अमर प्रेम राजेश खन्ना फिल्म अमर प्रेम में बंगाली धोती - कुर्ते की पोशाक पहने संवाद बोलते हैं - "पुष्पा ए पुष्पा मुझसे तुम्हारे आंसू नहीं देखे जाते .. पुष्पा आई हेट टियर्स ये आंसू पोंछ डालो बोलते हुए खुद भी रोते हैं एवं उनकी नायिका पुष्पा (शर्मिला टैगोर) भी रोती हैं. उसके साथ ही हमारे जैसे दर्शक भी रोते हैं.. राजेश खन्ना को रोने वाला अदाकार बोला गया है, लेकिन यह भी सच है कि आंसू कमजोरी नहीं बल्कि भावुकता में रोते हुए प्रेमी के एक सुरक्षित एहसास देते हैं. आज भी रोते हुए लोगों को सांत्वना देने के नाम पर राजेश खन्ना का यह डायलॉग सुनाया जाता है. इसी प्रेम की प्रतिमूर्ति राजेश खन्ना थे.... बहुत याद आते हैं, इसीलिए आज उनको क्यों न फिल्म अमर प्रेम के जरिए याद किया जाए, जो जो हर प्रेमी को आदर्शवाद सिखाता है, अपितु सामाजिक संकीर्णता पर भी गंभीर चोट करते थे. सुपरस्टार राजेश खन्ना ने हिन्दी सिनेमा में एक ऐसे युग के अगुवाकार अभिनेता थे, जिनके युग में सिर्फ और सिर्फ पर्दे पर प्रेम और ही झलकता था. उन्होंने एक ऐसे युग को सम्भाला जिसे राज कपूर, देवानंद साहब, दिलीप साहब आदि दिग्गजों ने...