'सभी किरदारों में यादगार दत्त साहब '
'सभी किरदारों में यादगार दत्त साहब ' सुनील दत्त बहुमुखी इंसान, जितने भी किरदार किए बेदाग रहे, आजीवन जेन्टलमैन के रूप में याद किए जाते हैं. सुनील दत्त किसी के लिए राजनेता थे, किसी के लिए बहुत उम्दा अदाकार, किसी के लिए उत्तम आचरण वाले इंसान थे. सुनील दत्त हिन्दी सिनेमा के पहले ऐसे अदाकार हैं, जिन्होंने राजनीति को सचमुच समाजसेवा के रूप में ही जिया. सुनील दत्त की बेदाग राजनीति पर अमजद खान ने कहा था "मैं दावे के साथ कह सकता हूं, जितने भी हिन्दी सिनेमा के लोग राजनीति में गए हैं सभी की अपनी महत्वाकांक्षा है, समाज सेवा एवं निश्चल भाव शायद ही किसी का हो. फिर भी सुनील दत्त साहब ही वो इंसान हैं, जिन्होंने सचमुच राजनीति को समाज सेवा के लिए चुना है... राजनीति को गंदी खाई कहने वाले ईमानदार इंसान अमजद खान ने ही कहा था. राजनीति में होते हुए इतना लंबा सफर होते हुए भी दत्त साहब कभी भी विवादित नहीं रहे..अपने बेटे के मुश्किल दिनों में ज़रूर दुःखी रहे. हमेशा कट्टर बाला साहब ठाकरे से दूरियाँ बरतने वाले दत्त साहब ने मदद के लिए जरूर हाथ बढाए, उसमे भी एक पिता की संवेदनाशील भावनाएं थी...