Posts

Showing posts with the label मिस्टर भरोसेमन्द "फारुख शेख'

'मिस्टर भरोसेमन्द "फारुख शेख'

Image
मिस्टर भरोसेमन्द  (फारुख शेख)  हिन्दी सिनेमा की भी अज़ीब सी दुनिया है, यहां कला फ़िल्मों को बोरिंग कहकर खारिज कर दिया जाता है, वहीँ समानान्तर सिनेमा के कलाकारों को एक रस का कलाकार कहकर सीमाओं में बाँध दिया जाता है, लेकिन कई बार सिद्ध हो चुका है, कि समानान्तर सिनेमा ही प्रमुख सिनेमा है. समानान्तर सिनेमा में एक ऐसा अदाकार हुआ है, जो न अमिताभ बच्चन की तरह स्टार था, न ही नसीरूद्दीन शाह की तरह बुलन्द आवाज़ का मालिक और न ही कोई देखने में बहुत प्रभावी फिर भी अपनी शालीन, शख्सियत के साथ, अपनी हवा में बहते हुए अपना एक अलग मुकाम हासिल किया, जिन्हें हिन्दी सिनेमा का मिस्टर भरोसेमन्द कहा गया..'फारुख शेख' को हिन्दी सिनेमा का 'राहुल द्रविड़' कहा जाता था, जिनका मुँह नहीं काम बोलता था. 'फारुख शेख' व्यवसायिक, एवं कला फ़िल्मों के साथ ही थिएटर की दुनिया के जाने-माने अदाकारा रहे हैं. कौन भूल सकता है, चश्मेबद्दूर में नज़र आने वाले सीधे-सादे सिद्धार्थ को, फिर चाहे फिल्म कथा का शातिर बासू हो, या शंतरज के खिलाड़ा का शकील हो, या फिर उमराव जान का नवाब सुल्तान. इन सभी यादगार किरदारों को न...