"महान गीतकार /शायर शकील बदायूंनी"
"महान गीतकार /शायर शकील बदायूंनी" एक ऐसे गीतकार जिन्होंने इस नफ़रत भरी दुनिया में प्रेम के गीतों का संसार रचा, जिनके गीत दवा और दुआ का काम करते हैं. शकील साहब ने अपनी ज़िन्दगी मुहब्बत के नग्मो के नाम करते हैं, बाद में दर्द के हवाले कर दिया था. हिन्दी सिनेमा में गीतकार बनने से पहले उर्दू, अरबी अदब की दुनिया का बड़ा नाम बनकर मकबूलियत हासिल कर चुके थे. अपने समकालीन गीतकारों में सबसे अलग मुकाम रखते थे, प्रमुख चार गीतकारों साहिर, मजरुह, शैलेन्द्र, के साथ शकील साहब प्रख्यात थे. दरअसल यही चारों गीतकार सबसे महान माने जाते हैं. प्रेम, प्राकृतवाद की चाहत रखने वालों के दिलों में आज शकील साहब के नग्मे खनकते हैं. हिन्दी सिनेमा के साथ गानों का अपना एक मुकाम लोगों के साथ संवेदना के सेतु का काम करता है, सिनेमा भी रोमांटिक गीतों पर टिका हुआ है. कोई फिल्म देखे या न देखे, सिनेमा के गीतों का रोमांटिसिज्म पीढ़ियों को जोड़ता है, इस विधा में शकील साहब का नाम सबसे ऊपर बड़ी अदब के साथ लिया जाता है, जिनकी लेखनी के मयार को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें गीतकार ए आज़म की उपाधि से सम्मानित किया था. ...