'ऑलटाइम ब्लॉकबस्टर अराधना'
ब्लॉकबस्टर "आराधना" फिल्म शक्ति सामंत बनाना ही नहीं चाहते थे. आराधना एक ऐसी फिल्म थी, जिसमें राजेश खन्ना को सुपरस्टार बनाया, यह एक ऐसी फिल्म थी, जिसने शर्मिला टैगोर को एकलौता फिल्म फेयर पुरूस्कार दिलाया, आराधना एक ऐसी फिल्म थी, जिसने किशोर दा को बॉलीवुड में फिर से स्थापित कर दिया. जिसने शक्ति सामंत को उबारा ही नहीं बेस्ट फीचर फिल्म का फिल्म फेयर अवॉर्ड दिलाया. दिलचस्प किस्सा है आराधना का आराधना के निर्देशक /निर्माता शक्ति सामंत आराधना बनाना ही नहीं चाहते थे. इस फिल्म की शूटिंग शुरू होने से पहले ही कैंसिल होने वाली थी. 1969 की बात है, जब शक्ति सामंत आर्थिक विपत्ति ग्रस्त हो गए थे. उनकी एक फिल्म रीलिज हुई थी "एन इविनिंग इन पेरिस" शानदार फिल्म थी. रिलीज होने के तीन दिन बाद पूरे देश में थियेटर मालिकों ने हड़ताल कर दिया. यह वो दौर था जब कोई ओटीटी, ऑनलाइन का ज़माना नहीं था, डीवीडी भी नहीं बिकती थीं, फिल्म को केवल थियेटर में ही देख सकते थे. फिल्म रिलीज होने के बाद का तीन हफ्ते का समय फिल्म बिजनैस के लिए सबसे बढ़िया होता है. इत्तेफ़ाक स्ट्राइक भी तीन हफ्ते तक च...