'जब दिल ही टूट गया'
'जब दिल ही टूट गया' (कुंदन लाल सहगल) जब दिल ही टूट गया, हम जी कर क्या करेंगे" ये गीत टूटे हुए आशिकों के म्यूजिक प्ले लिस्ट में या फिर गुनगुनाते हुए सुना जा सकता है. यह गीत 72 साल पहले हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार सहगल साहब ने गया था. आम तौर पर ऐसी महान जिन्दगियों के बारे में आम धारणाएं बदलती रहती हैं. सहगल साहब शुरुआती दौर के सुपरस्टार थे. जब हिन्दी सिनेमा का खुद का कोई ख़ास मुकाम नहीं था, लेकिन सहगल साहब की अपनी शख्सियत जादुई थी. "ग़म दिए मुस्तक़िल कितना नाज़ुक है दिल", आज भी बड़े चाव से सुना-गाया जाता है. दोनों गीत सहगल साहब को हर दिल में जिन्दा किए हुए हैं. कुन्दनलाल सहगल उर्फ के. एल. सहगल का जन्म- 11 अप्रैल 1904 को हुआ था. सहगल साहब एक बेमिसाल गायक के रूप में विख्यात हैं, एवं आज भी याद किए जाते हैं. देवदास 1936 जैसी फ़िल्मों में अभिनय के कारण प्रशंसक उन्हें एक उम्दा अभिनेता भी करार देते हैं. कुन्दनलाल सहगल हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार हैं. 1930 और 40 के दशक की संगीतमयी फ़िल्मों की ओर दर्शक उनके भावप्रवण अभिनय और दिलकश गायकी के कारण खिंचे चले आते थे. सहग...